रविवार, 20 सितम्बर 2026 |
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14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में महुआ की नई पहचान से रूबरू हुए लोग : रायपुर : जशपुर के जंगलों से बाजार तक पहुंचा महुआ

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Narayan Singh Jigyasu

19 hours ago 25 views
रायपुर : जशपुर के जंगलों से बाजार तक पहुंचा महुआ

JASHPURE और Jai Jungle के उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र

महुआ नेक्टर, महुआ टी, कुकीज़, लड्डू और रागी-महुआ उत्पादों ने खींचा ध्यान

परंपरागत वन उपज को अनुसंधान, प्रसंस्करण और आधुनिक पैकेजिंग से मिल रहा नया बाजार

रायपुर। रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में जशपुर के JASHPURE और Jai Jungle के स्टॉल महुआ की बदलती पहचान और स्थानीय वन उपज के मूल्य संवर्धन की कहानी प्रस्तुत कर रहे हैं। मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में पहुंचे आगंतुकों ने जशपुर में महुआ से तैयार किए जा रहे आधुनिक खाद्य उत्पादों को देखा, उनके बारे में जानकारी ली और उत्पादों की गुणवत्ता, स्वाद तथा आकर्षक पैकेजिंग की सराहना की।

कभी मुख्यतः पारंपरिक उपयोग तक सीमित समझे जाने वाले महुआ को जशपुर में अब खाद्य नवाचार, प्रसंस्करण, अनुसंधान और जनजातीय आजीविका से जोड़कर नई संभावनाओं का आधार बनाया जा रहा है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में हॉल नंबर-3 के स्टॉल नंबर 4 एवं 5 पर महुआ नेक्टर, महुआ नेक्टर गोल्ड, वन्यप्राश, महुआ एनर्जी पाचक, महुआ टी, महुआ आधारित कुकीज़, रागी-महुआ उत्पाद, महुआ लड्डू और फूड-ग्रेड महुआ फूल सहित अनेक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

स्थानीय वन उपज को मिला आधुनिक

स्टॉल पर प्रदर्शित उत्पादों की विविधता के साथ उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और आधुनिक प्रस्तुति भी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कई लोगों के लिए यह अनुभव खास रहा कि जशपुर जैसे वन एवं जनजातीय बहुल जिले की स्थानीय वन उपज से तैयार उत्पाद आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किए जा रहे हैं।

महुआ के इन नए उत्पादों के माध्यम से जशपुर की स्थानीय वन संपदा को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलने और उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच मिल रहा है।

पेड़ से बाजार तक विकसित हो रही पूरी वैल्यू चेन

JASHPURE के माध्यम से जशपुर में स्थानीय वन उपज और पारंपरिक उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही Jai Jungle द्वारा लगातार अनुसंधान और उत्पाद विकास पर काम किया जा रहा है। जिला प्रशासन जशपुर के सहयोग से संचालित Mahua Centre of Excellence और ‘Mahua Kosh’ में महुआ के खाद्य उपयोग, नए उत्पादों, फूड-ग्रेड कलेक्शन, डिहाइड्रेशन, प्रसंस्करण तकनीक और गुणवत्ता सुधार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर कार्य किया जा रहा है।

इस पहल में महुआ को केवल एक उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि पेड़ से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन के रूप में देखा जा रहा है। स्वच्छ एवं फूड-ग्रेड संग्रहण से लेकर डिहाइड्रेशन, प्रसंस्करण, अनुसंधान, उत्पाद विकास, पैकेजिंग और मार्केटिंग तक की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे महुआ का मूल्य बढ़ाने के साथ इससे जुड़े जनजातीय परिवारों और महिला समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में भी काम हो रहा है।

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