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नगरीय निकाय भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करें विकास परियोजनाएं : रायपुर : अर्बन चैलेंज फंड से छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेगी नई गति

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Narayan Singh Jigyasu

8 hours ago 37 views
रायपुर : अर्बन चैलेंज फंड से छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेगी नई गति

विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री ने अर्बन चौलेंज फंड एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो पर आयोजित प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

नगरीय विकास को नई दिशा देने दो महत्वपूर्ण एमओयू, नगरीय निकायों को मिलेगा वित्तीय, तकनीकी एवं क्षमता विकास का सहयोग

रायपुर, 21 अक्टूबरl विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारे शहरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहर केवल आवास और नागरिक सुविधाओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, उद्योग, व्यापार, रोजगार और नवाचार के प्रमुख आधार भी हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ के शहरों का विकास वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहकर आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित, समावेशी, टिकाऊ और आर्थिक रूप से सक्षम होना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अर्बन चौलेंज फंड (UCF) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) विषयक प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ कर संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई सोच और नई गति मिली है। अर्बन चौलेंज फंड जैसे अभिनव प्रयास शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा अवसर हैं। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए ऐसी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करनी होंगी, जो नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के साथ शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करें।

’नगरीय विकास को मजबूती देने दो महत्वपूर्ण एमओयू’

कार्यशाला के दौरान प्रदेश के नगरीय विकास, वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और नगरीय निकायों की तकनीकी एवं संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की दिशा में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। पहला एमओयू हुडको और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच तथा दूसरा एमओयू नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इन समझौतों को प्रदेश के नगरीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से नगरीय निकायों को विकास परियोजनाओं की बेहतर योजना तैयार करने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त करने, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकास में सहयोग मिलेगा। इससे शहरों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण परियोजनाओं के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहरी विकास में विशेषज्ञ संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों और शासन के बीच मजबूत साझेदारी समय की आवश्यकता है। इस प्रकार का संस्थागत सहयोग छत्तीसगढ़ के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

’विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में नगरीय अर्थव्यवस्था की बड़ी भूमिका’

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। इसी के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इसे धरातल पर उतारने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है।

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