बुधवार, 4 नवम्बर 2026 |
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विकसित भारत के निर्माण में युवा इंजीनियरों की भूमिका महतवपूर्ण : रायपुर : एनआईटी रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में 1,364 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

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रायपुर : एनआईटी रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में 1,364 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान, महत्वपूर्ण खनिज, जनजातीय स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अनुसंधान को मिलेगी नई गति

दीक्षांत समारोह में 51 पदकों से मेधावी विद्यार्थी सम्मानित, कंप्यूटर साइंस की छात्रा आत्मिका गांगेली बनीं ओवरऑल टॉपर

रायपुर, 3 नवंबरl राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर का 17वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संस्थान के 1,364 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं। विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुल 51 पदकों से सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह के साथ ही एनआईटी रायपुर में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने संस्थान में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। ये केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष अनुसंधान, एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी, ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य तथा सतत ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उच्चस्तरीय अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देंगे।

समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव, सीनेट एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी, विद्यार्थी और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका तय करें युवा

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए श्री रेड्डी ने विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को यह संकल्प लेना चाहिए कि विकसित भारत के निर्माण में उसका भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।

उन्होंने कहा कि आज देश ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन और कृषि विकास सहित अनेक क्षेत्रों में नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। युवा इन चुनौतियों को बाधा के रूप में देखने के बजाय अवसर के रूप में स्वीकार करें। देश को खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला सहित विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नए समाधान और तकनीक विकसित करना समय की आवश्यकता है।

श्री रेड्डी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान और रटने की प्रवृत्ति तक सीमित रखने के बजाय कौशल आधारित, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार राज्य सरकारों और विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण तकनीक भविष्य की अर्थव्यवस्था तथा रोजगार के प्रमुख आधार बनेंगे। भारत के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि वे आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दें।

केंद्रीय मंत्री ने सिलिकॉन वैली में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की उल्लेखनीय भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां लगभग एक-तिहाई तकनीकी पेशेवर भारतीय हैं। यह भारतीय प्रतिभा और शिक्षा व्यवस्था की क्षमता को प्रदर्शित करता है।

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