गुरूवार, 24 सितम्बर 2026 |
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कृत्रिम हाथ ने उठाया गिलास, कृत्रिम पैर ने दौड़ाई बाइक : रायपुर : दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सेवा का उद्देश्य

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Narayan Singh Jigyasu

7 hours ago 27 views
रायपुर : दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सेवा का उद्देश्य

उप मुख्यमंत्री ने किया निःशुल्क दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ

भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज एवं भारतीय जैन संगटना की पहल से दिव्यांगजनों को मिला सहारा

दिव्यांगजनों के जीवन में लौटा आत्मविश्वास

जयपुर से आई विशेषज्ञ टीम मौके पर ही जरूरत के अनुसार तैयार कर रही कृत्रिम अंग

रायपुर। जिन हाथों ने वर्षों से किसी का सहारा लिया, वही आज खुद गिलास उठाकर पानी पी रहे थे। जिन पैरों ने कभी साथ छोड़ दिया था, वही कृत्रिम पैर लगने के बाद बाइक चला रहे थे। कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम कवर्धा में ये दृश्य सिर्फ एक शिविर की तस्वीर नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में लौटती उम्मीद, बढ़ते आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत रही। इस बदलाव के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा दिव्यांगजनों के बीच पहुंचे और निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ करते हुए हितग्राहियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज एवं भारतीय जैन संगटना (छत्तीसगढ़) और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित शिविर में करीब एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है।

उपकरण नहीं, आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत

     उप मुख्यमंत्री ने शिविर में दिव्यांगजनों से मुलाकात की और उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए। शिविर में कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल सहित जरूरत के अनुसार अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एक दिव्यांगजन का उदाहरण देते हुए बताया कि बिजली के तार की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ चले गए थे। शिविर में कृत्रिम हाथ मिलने के बाद उसने पहली बार अपने हाथ से पानी का गिलास उठाया। उन्होंने कहा कि उस समय उसके मन में क्या भाव रहे होंगे, इसे वही व्यक्ति समझ सकता है। कृत्रिम हाथ-पैर की कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इनके मिलने से दिव्यांगजन के जीवन में कितना बदलाव आता है और उसका आत्मविश्वास कितना बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों से कवर्धा में इस तरह के सेवा कार्य लगातार हो रहे हैं। उन्होंने भारतीय जैन संगठन, भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति, सकल जैन समाज और एनएसई फाउंडेशन के सहयोग की सराहना की। उन्होंने राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार करने की प्रक्रिया भी देखी।

बस्तर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों तक भी पहुंचेगी सेवा

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह के शिविर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर में आईईडी विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए लोगों को चिन्हांकित कर कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजनों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें शिविर तक लाकर कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि बस्तर के अंदरूनी गांवों में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें।

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