मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 |
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ताड़ोकी - रावघाट एवं अभनपुर - कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण : केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रावघाट - रायपुर एवं रायपुर - कुरूद यात्री रेल सेवाओं को दिखाई हरी झंडी

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Narayan Singh Jigyasu

9 hours ago 41 views
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने रावघाट - रायपुर एवं रायपुर - कुरूद यात्री रेल सेवाओं को दिखाई हरी झंडी

रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिली अभूतपूर्व गति

छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार को मिली गति, रावघाट तक पहली बार पहुँची रेल

प्रदेश में 54 हजार करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं पर चल रहा काम, इस वर्ष छत्तीसगढ़ को मिला 7,470 करोड़ रुपए का रेलवे बजट

2014 के बाद प्रदेश में बिछाई गईं 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ, 32 रेलवे स्टेशनों का हो रहा विश्वस्तरीय विकास

रेल नेटवर्क का विस्तार दूरस्थ और जनजातीय अंचलों में विकास, रोजगार और नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा

रायपुर, 20 अक्टूबरl छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट - रायपुर एवं रायपुर - कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी अवसर पर ताड़ोकी - रावघाट तथा अभनपुर - कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया और रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी गई।

ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ आजादी के बाद पहली बार रावघाट रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों के लिए यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नई रेल सेवाओं से इन क्षेत्रों का राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख केंद्रों से संपर्क बेहतर होगा तथा आवागमन के साथ व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार का अभूतपूर्व दौर चल रहा है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का प्रयास है कि आधुनिक रेल सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों तक पहुँचेl उन्होंने कहा कि रावघाट तक पहली बार रेल पहुँचना केवल एक रेल परियोजना की पूर्णता नहीं, बल्कि बस्तर के विकास की नई संभावनाओं का द्वार खुलना है। रेल जहाँ पहुँचती है, वहाँ विकास की गति बढ़ती है। इससे लोगों का आवागमन आसान होता है, बाजारों तक पहुँच बढ़ती है, उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहन मिलता है तथा युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर निर्मित होते हैं।

उन्होंने कहा कि रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होना और रावघाट - रायपुर तथा रायपुर - कुरूद यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत इसी व्यापक विकास यात्रा की महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही रावघाट - जगदलपुर - कोरापुट - विशाखापत्तनम रेल संपर्क के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ की देश के प्रमुख रेल नेटवर्क और आर्थिक केंद्रों से कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी।

आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुँची रेल

दल्लीराजहरा - रावघाट रेल परियोजना छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में से एक है। लगभग 1,628 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 95 किलोमीटर है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित हो गया है।

आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुँचना बस्तर अंचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस रेल संपर्क के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों को राजधानी एवं अन्य प्रमुख केंद्रों से जोड़ने का मार्ग और सुदृढ़ हुआ है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, व्यापार एवं औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगाl

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