मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 |
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देश का दसवाँ जल विवाद समाप्त, छह मुख्यमंत्रियों ने सहमति जताई : किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौता पर हस्ताक्षर

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Narayan Singh Jigyasu

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किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौता पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति मे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौता पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की सचिव और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव भी उपस्थित थे।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज हम एक ऐतिहासिक समझौते के साक्षी बने हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यह घटना इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन जाएगी। उन्होंने कहा कि आज हुए समझौते से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली किसी-न-किसी रूप में लाभान्वित होंगे। श्री शाह ने कहा कि इसमें सबसे अच्छी बात है कि छह राज्यों ने अपनी सहमति दी और समझौते पर हस्ताक्षर किए। गृह मंत्री ने परियोजना को इस अंजाम तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए छहों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और यमुना बेसिन के इन छह राज्यों के मुख्यमंत्री इस परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने के लिए कटिबद्ध हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, आज यह दसवाँ जल विवाद समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में बीते पचास वर्षों से चले आ रहे गंभीर विवादों को समाप्त करने का अभियान चला है । उन्होंने कहा कि सबसे पहले अगस्त 2018 में लखवार बहुउद्देशीय परियोजना का विवाद समाप्त हुआ। उसी महीने शाहपुर कंडी बांध परियोजना का विवाद सुलझा। वर्ष 2019 में ऊपरी यमुना बेसिन की रेणुकाजी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का विवाद समाप्त हुआ। वर्ष 2021 में केन-बेतवा लिंक परियोजना पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच समझौता हुआ, जिससे बुंदेलखंड जैसे जल-संकटग्रस्त क्षेत्र को लाभ मिला। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल रिवर लिंक योजना वर्ष 2024 में आगे बढ़ी। हथिनीकुंड से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से यमुना तक जल अंतरण की योजना फरवरी 2024 में स्वीकृत हुई।

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