मंगलवार, 29 सितम्बर 2026 |
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बरगी बांध के 17 गेट खोले : मानसून की विदाई, लेकिन इस बार नहीं छलके मध्य प्रदेश के इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध

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Narayan Singh Jigyasu

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मानसून की विदाई, लेकिन इस बार नहीं छलके मध्य प्रदेश के इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध

बरगी बांध के 17 गेट खोले जाने से नर्मदा में पानी की आवक बढ़ने की संभावना है। इसका असर इंदिरा सागर जलाशय के जलस्तर पर भी पड़ेगा।

खंडवा। पिछले साल जुलाई-अगस्त में तेज बारिश और नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र से पानी की बंपर आवक से छलकने वाले इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध इस बार सितंबर तक शांत हैं। इस मानसून सीजन में अब तक दोनों बांधों के गेट एक बार भी नहीं खोले गए हैं। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से अपेक्षाकृत कम पानी आने और नर्मदा का जलस्तर सामान्य रहने से बांधों में पानी की आवक सीमित है। इसका सीधा असर जल विद्युत उत्पादन पर भी पड़ा है।

इंदिरा सागर बांध का जलस्तर वर्तमान में 260.94 मीटर है, जबकि इसकी कुल भराव क्षमता 262.13 मीटर है। यानी बांध अभी करीब सवा मीटर खाली है। बांध प्रबंधन के अनुसार मानसून सीजन सितंबर के अंत तक जारी है और इस दौरान बांध के पूर्ण क्षमता तक पहुंचने की उम्मीद है।

पिछले साल 27 जुलाई से खोलने पड़े थे गेट

इस बार की स्थिति पिछले साल से बिल्कुल अलग है। वर्ष 2025 में भारी बारिश के चलते इंदिरा सागर में पानी की तेज आवक हुई थी और 27 जुलाई को ही बांध के गेट खोलने पड़े थे। जुलाई-अगस्त में कई बार अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। अगस्त में बाढ़ जैसी स्थिति के दौरान बांध की सभी आठ टर्बाइनें 24 घंटे चलाई गईं। इसके मुकाबले इस वर्ष अगस्त में कुल 205 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ।

कम पानी की आवक का असर ओंकारेश्वर बांध पर भी दिखाई दे रहा है। यहां जलस्तर 195 मीटर से नीचे बना हुआ है। इंदिरा सागर से टर्बाइन के जरिए छोड़ा जा रहा पानी ओंकारेश्वर बांध तक पहुंच रहा है, जिसका उपयोग वहां जल विद्युत उत्पादन के लिए किया जा रहा है।

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