शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 |
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केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने सफाई कर्मचारियों को किया सम्मानित : मुंबई का जवाहर द्वीप भारत का पहला प्लास्टिक-मुक्त ऑयल टर्मिनल बना

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Narayan Singh Jigyasu

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मुंबई का जवाहर द्वीप भारत का पहला प्लास्टिक-मुक्त ऑयल टर्मिनल बना

सर्बानंद सोनोवाल ने मुंबई पोर्ट के "स्वच्छता अभियान" में इस उपलब्धि को चिह्नित किया

नई दिल्ली। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने अपने जवाहर द्वीप मरीन ऑयल टर्मिनल को प्लास्टिक-मुक्त घोषित किया है। यह बंदरगाह के अधिक टिकाऊ कामकाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह घोषणा महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मुंबई के इंदिरा डॉक के ग्रे गेट पर आयोजित स्वच्छता अभियान 2026 के दौरान की गई। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। कार्यक्रम में मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष डॉ. एम. अंगमुथु, उपाध्यक्ष रवीश कुमार सिंह और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

पोर्ट के प्रमुख ऑयल टर्मिनलों में से एक, जवाहर द्वीप को प्लास्टिक-मुक्त बनाने का कदम मुंबई पोर्ट के कामकाज में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कम करने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है। अथॉरिटी ने कहा कि वह साल भर अपने डॉक, रिहायशी कॉलोनियों और तटीय इलाकों में इसी तरह प्लास्टिक कम करने के प्रयास जारी रखेगी।

सोनोवाल ने कहा कि स्वच्छता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के विज़न का मुख्य हिस्सा है, और उन्होंने प्लास्टिक कम करने तथा कचरा प्रबंधन पर पोर्ट अथॉरिटी के लगातार काम की सराहना की।

सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "प्लास्टिक-मुक्त जवाहर द्वीप इस बात का प्रमाण है कि भारत के बंदरगाह विकास भी कर सकते हैं और साथ ही स्वच्छ भी रह सकते हैं। हमारे ऊर्जावान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के अंतर्गत, स्वच्छ भारत केवल एक दिन मनाया जाने वाला कार्यक्रम नहीं, बल्कि काम करने का तरीका बन गया है और हमारे सफाई कर्मी ही हैं जो देश के हर बंदरगाह पर हर दिन इस विज़न को हकीकत में बदलते हैं।"

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और गांधीजी को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उसके बाद स्वच्छता की शपथ ली गई। सोनोवाल ने बंदरगाह को स्वच्छ और संचालित रखने में सफ़ाई कर्मियों की भूमिका के लिए उन्हें सम्मानित किया। इससेसीपहले, पिछले एक वर्ष में बंदरगाह की 'स्वच्छ भारत' पहल पर बनी लघु फ़िल्म दिखाई गई।

केंद्रीय मंत्री ने सफ़ाई कर्मियों से उनके अनुभवों के बारे में सीधे बात की। उसके बाद सफाई कर्मियों के सम्मान में चाय-नाश्ते का कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम के दौरान सोनोवाल ने पोर्ट की 'ऑयल स्पिल रिस्पॉन्स' (ओएसआर) सुविधाओं को भी देश को समर्पित किया।

इस कार्यक्रम का समापन सोनोवाल की अगुवाई में कई बंदरगाह इलाकों में सफाई अभियान के साथ हुआ। इसमें 18ID के दक्षिण का इलाका, ओएसआर सुविधाएं, समुद्र की सफाई का काम, बीपीएक्स नॉर्थ एरिया का घाट और मूरिंग स्टाफ के लिए टॉयलेट की सुविधा शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि यह उस दिन ली गई शपथ को वास्तव में करके दिखाने जैसा था।

अंगमुथु ने कहा कि स्वच्छता अभियान से बंदरगाह के सफाई कर्मचारियों के रोज़ाना के योगदान को पहचानने और लगातार कामकाज बढ़ने के साथ-साथ टिकाऊ और ज़िम्मेदार तरीके से काम करने के अपने संकल्प को दोहराने का मौका मिला।

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत के विज़न को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने रोज़मर्रा के कामकाज में टिकाऊपन और कर्मचारियों की भलाई को शामिल करना जारी रखेगी।

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