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अनाज आधारित कच्चे माल की हिस्सेदारी सबसे अधिक : सितंबर तक एथेनॉल की आपूर्ति 987 करोड़ लीटर के पार

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Narayan Singh Jigyasu

5 hours ago 24 views
सितंबर तक एथेनॉल की आपूर्ति 987 करोड़ लीटर के पार

नई दिल्लीl भारत में चालू एथेनॉल आपूर्ति वर्ष के सितंबर के अंत तक तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को एथेनॉल की कुल आपूर्ति 987 करोड़ लीटर तक पहुंच गई। इसमें अनाज आधारित कच्चे माल की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत से अधिक रही। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने यह जानकारी दी है। AIDA के बयान के अनुसार, एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 (नवंबर से अक्टूबर) में तेल विपणन कंपनियों को कुल 1,197 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति का आवंटन किया गया था। इसके मुकाबले सितंबर के अंत तक 987 करोड़ लीटर की आपूर्ति हुई, जो कुल आवंटन का लगभग 82.5 प्रतिशत है।

अनाज आधारित एथेनॉल की आपूर्ति 705 करोड़ लीटर

अनाज आधारित कच्चे माल से कुल 705 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई। यह कुल आपूर्ति का 71.4 प्रतिशत है। इस श्रेणी के लिए 908 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था, जिसके मुकाबले आपूर्ति की उपलब्धि 77.6 प्रतिशत रही।अनाज आधारित एथेनॉल में मक्का सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा। मक्के से 413 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई, जो कुल प्राप्त आपूर्ति का 41 प्रतिशत से अधिक है। मक्के से एथेनॉल आपूर्ति के लिए 614 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अतिरिक्त चावल से 233 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 222 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई। वहीं, खराब खाद्यान्न से 60 करोड़ लीटर के निर्धारित आवंटन के मुकाबले 70 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति की गई।

चीनी आधारित कच्चे माल से 282 करोड़ लीटर एथेनॉल

चीनी आधारित कच्चे माल से कुल 282 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई, जबकि इसके लिए 289 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था। इस श्रेणी में आपूर्ति की उपलब्धि 97.6 प्रतिशत रही।

चीनी आधारित कच्चे माल से एथेनॉल आपूर्ति का विवरण इस प्रकार है:

गन्ने का रस: 166 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 151 करोड़ लीटर की आपूर्ति।

बी-हैवी शीरा : 111 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 115 करोड़ लीटर की आपूर्ति।

सी-हैवी शीरा : 12 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 16 करोड़ लीटर की आपूर्ति।

इस आंकड़े से पता चलता है कि, चीनी आधारित कच्चे माल की श्रेणी में कुल आपूर्ति निर्धारित आवंटन के काफी करीब रही। बी-हैवी और सी-हैवी शीरे से हुई आपूर्ति अपने-अपने आवंटन से अधिक रही।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए विविध कच्चे माल की आपूर्ति जरूरी: AIDA

AIDA की उपमहानिदेशक भारती बालाजी ने कहा कि, दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के कच्चे माल पर आधारित मजबूत आपूर्ति नेटवर्क तैयार करना बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि, नीतिगत निरंतरता बनाए रखना और एथेनॉल के उपयोग के नए अवसर बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा। इनमें फ्लेक्स-फ्यूल वाहन, सतत विमानन ईंधन और संपीड़ित बायोगैस जैसे विकल्प शामिल हैं।उनके अनुसार, इन उपायों से निवेश को निरंतर समर्थन मिलेगा और कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

Courtesy

Chinimandi

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