शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 |
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तेल कंपनियों की खरीद लागत में 813 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी संभव : बी-हैवी शीरे से मक्का आधारित एथेनॉल की ओर बदलाव

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Narayan Singh Jigyasu

50 minutes ago 2 views
बी-हैवी शीरे से मक्का आधारित एथेनॉल की ओर बदलाव

नई दिल्लीl केंद्र सरकार द्वारा एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2026-27 के लिए चीनी आधारित एथेनॉल की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद, बी-हैवी शीरे (B-Heavy Molasses) से बनने वाले एथेनॉल की जगह मक्का आधारित एथेनॉल का उपयोग करने पर तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को प्रत्येक 100 करोड़ लीटर एथेनॉल के लिए लगभग 813 करोड़ रुपये की अतिरिक्त खरीद लागत उठानी पड़ सकती है।

द हिंदू बिजनेसलाइन में प्रकाशित खबर के अनुसार, इस बदलाव के कारण बी-हैवी शीरे से बने एथेनॉल की खरीद लागत 60.73 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर मक्का आधारित एथेनॉल के लिए 68.86 रुपये प्रति लीटर हो सकती है। यानी लागत में लगभग 13.4 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इससे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के ईंधन विपणन मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक वित्तीय प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां अपनी खरीद जरूरतों को पूरा करने के लिए किन-किन कच्चे माल (फीडस्टॉक) का इस्तेमाल करती हैं।

यह अनुमान सांकेतिक है, क्योंकि एथेनॉल उत्पादन में मक्का, अधिशेष चावल और अन्य अनुमत कच्चे माल के उपयोग की मात्रा उनकी उपलब्धता और आवंटन पर निर्भर करेगी। आईसीआरए (ICRA) के उपाध्यक्ष एवं सह-समूह प्रमुख अंकित जैन ने कहा कि, सरकार के चीनी को एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले से चीनी की उपलब्धता पर दबाव कम होने की उम्मीद है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब घरेलू चीनी उत्पादन की उपलब्धता अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है।

चीनी आधारित एथेनॉल की आपूर्ति पर रोक

यह प्रतिबंध भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन द्वारा 16 अक्टूबर को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की ओर से जारी निविदा के बाद आया है।इस निविदा के तहत नवंबर 2026 से अक्टूबर 2027 की आपूर्ति अवधि के लिए लगभग 1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल की खरीद की जानी है। वहीं, मक्का, खराब खाद्यान्न, भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अधिशेष चावल और सी-हैवी शीरे से बने एथेनॉल की आपूर्ति को अनुमति दी गई है।

खरीद की इस नई व्यवस्था का इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन पर अलग-अलग वित्तीय प्रभाव पड़ सकता है। यह प्रभाव प्रत्येक कंपनी को मिलने वाले आवंटन और वास्तव में की जाने वाली एथेनॉल आपूर्ति पर निर्भर करेगा।

मक्का आधारित एथेनॉल की कीमत में कटौती, फिर भी महंगा

नई निविदा में मक्का आधारित एथेनॉल की खरीद कीमत 71.86 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 68.86 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। यह लगभग 4.2 प्रतिशत की कमी है। इसके बावजूद मक्का आधारित एथेनॉल, बी-हैवी शीरे से बने एथेनॉल की तुलना में महंगा है। वहीं, भारतीय खाद्य निगम के अधिशेष चावल से तैयार एथेनॉल की कीमत 60.32 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है।इन कीमतों में परिवहन शुल्क और कर शामिल नहीं हैं। पेट्रोल की खुदरा कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का अंतिम निर्णय तेल विपणन कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति पर निर्भर करेगा।

Courtesy

Chinimandi

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