मंगलवार, 22 सितम्बर 2026 |
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एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन : नारकोटिक्स पर कड़ा और निर्णायक प्रहार करना होगा

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Narayan Singh Jigyasu

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नारकोटिक्स पर कड़ा और निर्णायक प्रहार करना होगा

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने वाले टेलीविजन कमर्शियल (TVC) का लॉन्च, और लखनऊ एवं देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। कार्यक्रम के दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ANTF को सम्मानित भी किया गया। इसके साथ ही केन्द्रीय गृह मंत्री ने नए स्वरूप में तैयार NCB की वेबसाइट का शुभारंभ भी किया। NCB द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों के साथ-साथ संबंधित सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विगत 5 साल से हम एक के बाद कदम उठाते हुए नशामुक्त भारत के कठिन लक्ष्य को सिद्ध करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब देश और दुनिया के लिए सबसे गंभीर खतरा बन चुके नारकोटिक्स पर कड़ा और निर्णायक प्रहार करने और सामूहिक प्रयासों से विजय प्राप्त करने का समय आ गया है। श्री शाह ने कहा कि 31 दिसंबर, 2029 तक हम भारत से नशे के व्यापार को जड़ से उखाड़कर फेंकने में सामूहिक रूप से सफल होंगे।

श्री शाह ने कहा कि विगत 5 साल में हमने कश्मीर में आतंकवाद, नॉर्थईस्ट में उग्रवाद और नक्सलवाद की समस्या जैसी कई चुनौतियों के खिलाफ सफलता हासिल की है। हमने दशकों से देश के सामने खड़ी इन बड़ी समस्याओं को भारत सरकार के गृह मंत्रालय और सभी राज्यों के सहयोग से समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई सभी लड़ाइयों में से सबसे कठिन है, लेकिन हम इस लड़ाई को छोड़ नहीं सकते।

भारत को नशामुक्त बनाना है

श्री शाह ने कहा कि 2047 में विकसित भारत बनाने, भविष्य की पीढ़ियों को बचाने और युवाओं को भारत के विकास के साथ जोड़ने के लिए हमारे सामने एकमात्र विकल्प भारत को नशामुक्त बनाना है। हमें इस समस्या के खिलाफ एकजुट होकर जुनून के साथ लड़ना होगा और विजय प्राप्त करनी होगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029 इस लड़ाई में शामिल सभी लोगों के लिए गीता के समान है। यह विज़न डॉक्यूमेंट 35 से ज्यादा विभागों के साथ चर्चा के बाद बहुत मेहनत से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने सभी स्टेकहोल्डर्स के सुझाव लेकर यह कम्प्लीट रोडमैप बनाने का काम किया है, जो निश्चित लक्ष्यों के साथ सबको दिया गया है। इसमें लक्ष्य और समयसीमा भी निश्चित की गई है। गृह मंत्री ने कहा कि कुछ समय बाद इसका रिव्यू भी करेंगे। श्री शाह ने कहा कि भारत सरकार का गृह मंत्रालय या एनसीबी यह सब अकेला नहीं कर सकते। इस लड़ाई को हम सभी लोगों को टॉप प्रायोरिटी और पूरे मनोयोग के साथ लड़ना भी है और जीतना भी है।

अमित शाह ने कहा कि हमारा साझा दायित्व और संकल्प होना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियों को खोखला करने वाली नशे की इस समस्या को हम समाप्त कर दें। हमारा संकल्प होना चाहिए कि न एक ग्राम ड्रग हम दुनिया से देश में आने देंगे और न ही एक भी ग्राम ड्रग हमारे देश से दुनिया में जाएगी। उन्होंने कहा कि दुनियभर के युवाओं के कल्याण का संकल्प लेकर हमने यह रोड मैप बनाया है। श्री शाह ने कहा कि हमें संवेदना के साथ और इसके महत्व को समझकर टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर नशा मुक्त भारत के लिए काम करना होगा। नशे से पीड़ित किसी एक युवा के मां-बाप और उसके भाई-बहन से आप एक बार मिलिए। जब तक आप उनसे नहीं मिलेंगे, तब तक इस लड़ाई के खिलाफ आप में तीव्रता नहीं उत्पन्न हो सकती। रोती-बिलखती मां, छोटी बहन और दसवीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप 10 में आने वाला लड़का, धीरे –धीरे मृत्यु की ओर जा रहा है, उसके असहाय मां-बाप यह देख रहे हैं। किसी के लिए इससे बड़ा कोई और दुख नहीं हो सकता है और हमारे लिए भी यह एक राष्ट्रीय क्षति है।

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