रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे भूपेश बघेल, रामगोपाल अग्रवाल से की 10 मिनट मुलाकात, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
ABB News Live
रायपुर :- छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर शराब घोटाला मामला चर्चा में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने जेल में बंद कांग्रेस नेता और पार्टी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। जेल से बाहर आने के बाद भूपेश बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी और उन्हें जेल में रखे जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष हैं और सरकार ने उन्हें गलत तरीके से जेल में बंद कर रखा है। इस मुलाकात के बाद प्रदेश की राजनीति में शराब घोटाले और कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शराब घोटाले में जमानत, फिर भी जेल से रिहाई नहीं
दरअसल, रामगोपाल अग्रवाल को 5 नवंबर 2026 को बिलासपुर हाईकोर्ट से शराब घोटाले से जुड़े एक मामले में जमानत मिल चुकी है। लेकिन कोल घोटाले समेत अन्य मामलों में आरोपी होने के कारण उनकी जेल से रिहाई नहीं हो सकी है। यानी एक मामले में कानूनी राहत मिलने के बावजूद दूसरे मामलों में जमानत नहीं मिलने से उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना पड़ रहा है। जेल में मुलाकात के बाद भूपेश बघेल दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
6 मामलों में आरोपी, 2 में मिली जमानत
रामगोपाल अग्रवाल के बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी के मुताबिक, उनके खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज हैं। इनमें से 2 मामलों में जमानत मिल चुकी है, जबकि 4 मामले अभी लंबित हैं। इन चारों मामलों में जमानत मिलने के बाद ही उनकी रिहाई संभव हो सकेगी। रिजवी ने दावा किया कि किसी भी FIR में रामगोपाल अग्रवाल का नाम नहीं है और उन्हें पहले से आरोपी बनाए गए एक व्यक्ति के बयान के आधार पर मामले में फंसाया गया है। उन्होंने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का कोषाध्यक्ष होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
ED ने लगाए हैं गंभीर आरोप
वहीं, शराब घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामगोपाल अग्रवाल पर कथित अवैध लेनदेन में भूमिका होने के आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब सिंडिकेट से जुटाई गई करोड़ों रुपये की रकम कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाई गई थी। ED ने इस मामले में उनकी करीब 9.06 करोड़ रुपये की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच करने की कार्रवाई भी की है। हालांकि, जांच एजेंसी के आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।
फिलहाल रामगोपाल अग्रवाल की रिहाई अन्य लंबित मामलों में मिलने वाली कानूनी राहत पर निर्भर है। वहीं, जेल पहुंचकर भूपेश बघेल की इस मुलाकात और सरकार पर लगाए गए आरोपों ने छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर शराब घोटाले के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है।