कच्चे तेल के आयात पर घटा सकता है निर्भरता : E20 पेट्रोल भारत की ऊर्जा सुरक्षा कर सकता है मजबूत
Narayan Singh Jigyasu
अहमदाबाद। भारत E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के जरिए आयातित कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता कम करने और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। ONGC (तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम) के निदेशक (अन्वेषण) ओम प्रकाश सिन्हा ने यह बात कही है। सिन्हा अहमदाबाद स्थित ONGC इंस्टीट्यूट ऑफ रिजर्वॉयर स्टडीज (भूगर्भीय तेल-गैस भंडार के अध्ययन संस्थान) में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2027 के कर्टन-रेजर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित मुख्य कर्टन-रेजर समारोह से वर्चुअली जुड़ा हुआ था।
E20 अपनाने में चुनौतियां, तकनीक से समाधान की उम्मीद
सिन्हा ने माना कि, E20 पेट्रोल को अपनाने में कुछ चुनौतियां हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति से इसके इस्तेमाल से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। भारत फिलहाल अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है। सिन्हा के अनुसार, यदि उपभोक्ताओं के लिए किसी बड़ी परेशानी के बिना 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल किया जाता है, तो देश की कच्चे तेल के आयात की जरूरत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सकता है।
बढ़ती ऊर्जा जरूरत के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
सिन्हा ने कहा कि भारत दुनिया में अतिरिक्त ऊर्जा जरूरत (Incremental Energy Requirement यानी बढ़ती नई ऊर्जा मांग) के मामले में सबसे आगे है। ऐसे में इंडिया एनर्जी वीक जैसे मंच देश की बढ़ती ऊर्जा मांग, उससे जुड़ी चुनौतियों और संभावित समाधानों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने भूराजनीतिक घटनाक्रम (Geopolitical Developments यानी देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक घटनाएं) का भी उल्लेख किया। सिन्हा ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने विभिन्न देशों के लिए विदेशी ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा आपूर्ति के कई विकल्प बनाए रखने की जरूरत को और रेखांकित किया है।
घरेलू तेल-गैस उत्पादन बढ़ाने पर ONGC का जोर
इस बीच, ONGC देश में तेल और गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए अपने अन्वेषण कार्यों का विस्तार कर रही है। कंपनी गहरे समुद्री क्षेत्रों (Deepwater Blocks यानी समुद्र की अधिक गहराई वाले तेल-गैस क्षेत्र) सहित सीमांत और अपेक्षाकृत कम खोजे गए क्षेत्रों में तेल-गैस भंडार की तलाश बढ़ा रही है। ये पहल भारत की आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम करने और घरेलू ऊर्जा सुरक्षा (Domestic Energy Security यानी देश के भीतर पर्याप्त और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्धता) को मजबूत करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं।
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