रविवार, 27 सितम्बर 2026 |
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भारत 20% एथेनॉल मिश्रण पर कायम रहेगा : महानदी बेसिन में गैस खोज के बाद ONGC जारी रखेगी ड्रिलिंग

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Narayan Singh Jigyasu

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महानदी बेसिन में गैस खोज के बाद ONGC जारी रखेगी ड्रिलिंग

भारत 20% एथेनॉल मिश्रण पर कायम रहेगा

नई दिल्ली : महानदी बेसिन में ‘समुद्र मंथन’ पहल के तहत गैस की खोज के बाद ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और अधिक कुओं की ड्रिलिंग जारी रखेगी। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, भारत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को बनाए रखेगा और साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन की उत्पादन लागत कम करने पर जोर देगा। ‘13वां वार्षिक फोरम 2026 : इंडिया 3.0 – एंगेजिंग फॉर ग्रोथ इन ए डिसरप्टेड वर्ल्ड’ के दौरान मीडिया से बातचीत में पुरी ने कहा कि, सरकार आयातित जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। इनमें घरेलू तेल एवं गैस खोज, जैव ईंधन और ग्रीन हाइड्रोजन प्रमुख हैं।

महानदी के कुओं में जारी रहेगी ड्रिलिंग

ONGC की गैस खोज और आगे की योजनाओं का उल्लेख करते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि, यह शुरुआत है और कंपनी आगे भी अधिक से अधिक कुओं की ड्रिलिंग करेगी। उन्होंने कहा कि, समुद्र में तेल एवं गैस की खोज एक महंगी प्रक्रिया है। इसलिए ड्रिलिंग उन क्षेत्रों में जारी रखी जाएगी, जहां व्यावसायिक रूप से इसकी पर्याप्त संभावना होगी। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को लेकर आशावाद भी जताया। केंद्रीय मंत्री ने सरकार के व्यापक समुद्री खोज कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि, ‘समुद्र मंथन’ पहल के तहत तीन वर्षों में 150 कुओं की ड्रिलिंग की जाएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2026 में समुद्र मंथन राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत वित्त वर्ष 2030-31 तक योजना के क्रियान्वयन के लिए 84,084 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण पर कायम रहेगा भारत

जैव ईंधन को लेकर हरदीप पुरी ने कहा कि, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत भारत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण बनाए रखेगा। भारत ने वर्ष 2025 में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया था, जो निर्धारित 2030 की समयसीमा से पांच साल पहले पूरा हुआ। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि, देशभर में एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने का फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

ग्रीन हाइड्रोजन की लागत घटाना जरूरी

ग्रीन हाइड्रोजन पर बात करते हुए पुरी ने कहा कि, इसके इस्तेमाल को अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ाने के लिए उत्पादन लागत कम करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने रिफाइनरियों में हाइड्रोजन के इस्तेमाल और रेलवे द्वारा हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों के विकास के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ सकता है। पुरी ने कहा कि, ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत को आयातित जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए घरेलू तेल एवं गैस अन्वेषण, जैव ईंधन और ग्रीन हाइड्रोजन—इन तीनों क्षेत्रों में एक साथ आगे बढ़ना होगा।

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