गुरूवार, 3 सितम्बर 2026 |
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संस्कार शिक्षा फाउंडेशन की भूमिका : नैतिक शिक्षा क्यों जरूरी है?

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Narayan Singh Jigyasu

3 days ago 44 views
नैतिक शिक्षा क्यों जरूरी है?

आज की शिक्षा केवल नंबरों तक सीमित रह गई है। किताबी ज्ञान तो बच्चा गूगल से भी ले लेगा, पर संस्कार सिर्फ क्लासरूम से आते हैं। इसीलिए नैतिक शिक्षा समय की सबसे बड़ी मांग है।

नैतिक शिक्षा क्यों जरूरी है?

- चरित्र निर्माण: सच्चाई, ईमानदारी, दया, सम्मान - ये डिग्रियां नहीं, जीवन की पूंजी हैं।

- सोशल मीडिया के युग में ढाल: जब मोबाइल पर हर चीज मिल रही है, तब सही-गलत का विवेक नैतिक शिक्षा ही देती है।

- परिवार और समाज से जोड़ना: बच्चों में बड़ों का आदर, सहयोग और स्वच्छता की आदत इसी उम्र में पड़ती है।

इसमें दो बड़े अभियानों की भूमिका सबसे अहम है:

1. संस्कारीकरण अभियान: यह अभियान सिर्फ भाषण नहीं, प्रैक्टिकल है। स्कूलों में प्रार्थना के बाद 5 मिनट का ‘संस्कार संवाद’, कहानियों से सीख, और ‘आज का अच्छा काम’ - जैसे छोटे प्रयोग बच्चों के मन में स्थायी छाप छोड़ते हैं।

2. संस्कार शिक्षा फाउंडेशन की भूमिका: फाउंडेशन ने इस काम को मिशन बनाया है। सरकारी स्कूलों में मुफ्त नैतिक शिक्षा की किताबें, शिक्षकों के लिए संस्कार-प्रशिक्षण, और अभिभावकों को जोड़ने वाले ‘संस्कार शिविर’ - फाउंडेशन का मॉडल पूरे इंदौर-मालवा में सराहा जा रहा है। फाउंडेशन का मंत्र है - पहले संस्कार, फिर साक्षरता

निष्कर्ष: अगर हम आज बच्चों को संस्कार नहीं देंगे, तो कल टेक्नोलॉजी तो होगी पर इंसानियत नहीं बचेगी। नैतिक शिक्षा बोझ नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती है।

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