समाधान सहयोग और विश्वास से निकलना चाहिए: साय : महानदी जल विवाद: दिल्ली में अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़-ओडिशा CM की हाईलेवल बैठक
Narayan Singh Jigyasu
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच वर्षों से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक हुई।
बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल हुए। इसके साथ ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में क्या हुआ
- CM विष्णुदेव साय ने कहा - महानदी बांटने वाली नहीं, जोड़ने वाली नदी है। समाधान सहयोग और विश्वास से निकलना चाहिए।
- साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, वैज्ञानिक और पारदर्शी समाधान का पक्षधर है। महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में है और बड़ा कैचमेंट एरिया यहीं है, इसलिए किसानों और आदिवासी अंचलों की जरूरतों का ध्यान जरूरी है।
- उन्होंने ओडिशा के हीराकुंड बांध को ओडिशा की जीवनरेखा बताते हुए उसके सुचारु संचालन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
- दिल्ली रवाना होने से पहले CM साय ने कहा कि दोनों राज्यों ने केंद्रीय जल आयोग (CWC) को पत्र लिखकर कहा है कि आयोग जो भी फैसला देगा, दोनों राज्य उसे स्वीकार करेंगे।
विवाद की पृष्ठभूमि
महानदी जल बंटवारा विवाद 2018 से महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण के समक्ष लंबित है। ओडिशा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में ऊपरी हिस्से में बने बैराजों से निचले हिस्से में पानी का प्रवाह प्रभावित होता है। इससे पहले 30 जुलाई 2026 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में भी दोनों CM की बैठक हो चुकी है।
आगे क्या: अधिकारियों के अनुसार CWC अब तकनीकी समाधान के तौर-तरीकों पर काम कर रहा है। ओडिशा CM ने उम्मीद जताई थी कि दिवाली से पहले विवाद सुलझ सकता है।