क्या हैं ये स्वछता दस्ते? : स्वच्छता की सजग प्रहरी: दिल्ली की सैनिटेशन स्क्वाड
Narayan Singh Jigyasu
नई दिल्ली। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) 2.0 के अंतर्गत हमारे शहर न सिर्फ कचरा मुक्त (Garbage Free) और जल संपन्न (Water Plus) बनने की ओर अग्रसर हैं, बल्कि स्वच्छता की दिशा में निरंतर नए प्रयासों से सभी को प्रेरित भी कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में भी स्वच्छता से जुड़े अभिनव प्रयासों से दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। शहरी स्वच्छता को समर्पित इन निकायों ने मिशन के लक्ष्यों को वास्तविक स्वरूप देने के लिए एक बहुत ही असरदार तरीका अपनाया है, जिसे ‘सैनिटेशन स्क्वॉड’ यानी ‘स्वच्छता दस्ता’ का नाम दिया गया है। ये स्वच्छता दस्ते वास्तव में देश की राजधानी में साफ-सफाई व्यवस्थाओं के सजग प्रहरी बनकर उभर रहे हैं।
क्या हैं ये स्वच्छता दस्ते?
सैनिटेशन स्क्वॉड सफाई की पुरानी व्यवस्था से एक कदम आगे की सोच है। ये केवल सफाईमित्रों की टीम नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता के नियमों को सख्ती से लागू कराने वाले अधिकारियों (Enforcement Officers) सहित लोगों को जागरूक करने वाले दूतों की एक टीम हैं। इस टीम का मुख्य काम सार्वजनिक जगहों पर गश्त करना, गैर-कानूनी तरीके से कूड़ा फेंकने वालों का तुरंत चालान काटना और आम जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। हालांकि जहां कहीं, स्वच्छता लक्षित इकाइयां (CTUs) या कोई नया ऐसा स्पॉट दिखाई देता है, जहां खुले में कचरा डंपिंग हो रही है, वहां त्वरित स्वच्छता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी भी ये स्वच्छता दस्ते उठा रहे हैं।
स्वच्छता के लिए NDMC का स्मार्ट मॉडल
NDMC को देश के सबसे साफ शहरी निकायों में गिना जाता है। वायु प्रदूषण कम करने और शहर में साफ-सफाई का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए NDMC ने 3 सैनिटेशन स्क्वॉड्स बनाकर तैनात किए हैं। ये स्वच्छता दस्ते NDMC के तीनों जोन और उसके तहत आने वाले सभी 14 सैनिटेशन सर्कल्स को पूरी तरह से कवर करते हैं। ये खास दस्ते मुख्य स्वच्छता निरीक्षक (CSI) की देखरेख में काम करते हैं और उन संवेदनशील जगहों पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं जहां कचरे की समस्या लगातार बनी रहती है।